फ्रैंकलिन मुचुअल फंड ने वार्षिक लाभांश विकल्प के अंतर्गत फ्रैंकलिन कैपिटल प्रोटेक्शन ओरिएंतेद फंड 3 वर्षीय योजना और 5 वर्षीय योजना का मुचुअल फंड घोशित किया। फंड घर ने 2 प्रतिश्त लाभांश जोकि फ्रैंकलिन कैपिटल प्रोटेक्शन ओरिएंतेद फंड 3 वर्षीय योजना के लीये 10 रुपये कि फेस वैल्यू पर 0.20 रुपये की बटाई तय की है। 3 प्रतिशत लाभांश जोकि फ्रैंकलिन कैपिटल प्रोटेक्शन ओरिएंतेद 5 वर्षीय योजना के लीये 10 रुपये की फेस वैल्यू पर 0.30 रुपये है घोषणा करने का तय किया है। इसीके लीये 28 मई 2008 रिकॉर्ड तीथी तय की गई है।
Wednesday, May 14, 2008
बाज़ार गिरावट पर खुले
आज बाज़ार गिरावट पर खुले और अब अस्थिर व्यापार कर रहे है। मेटल, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुए, अचल वस्तु और आई टी स्टॉक में महत्वपूर्ण खरीदारी देखि गई। जबकि तेल तथा गैस, एफ एम सी जी और बैंक स्टॉक में बिक्री देखि गई। शुरूआती कारोबार में मिड कैप और स्माल कैप ने घनात्मक व्यापर किया। कुल मिलाकर बाज़ार का विस्तार घनात्क्मक है जबकि 943 स्टॉक प्रगामी है जबकि 681 स्टॉक बी एस ई पर गिरे। बी एस ई मिड कैप 6,983.45 से 26.63 पोईन्ट्स से बढा तथा बी एस ई स्माल कैप 8,424.85 से 27.13 पोईन्ट्स से उन्नत हुआ।
Tuesday, May 13, 2008
शेयर बाज़ार आज मजबूती पर खुले
बीएसई में मिडकैप व स्मालकैप सूचकांको ने भी आज अच्छी बढ़त दिखाई और ये 1.08 और 0.88 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहे है। बीएसई पर कोई सूचकांको गिरावट पर नही है ।
सेंसेक्स के शेयर जैसे की जयप्रकाश एस्सोसिअटेस, रिलायंस एनर्जी और रेनबेकसी आज के बदने वाले शेयरों में है। जबकि कमजोर शेयरों में एचडीऍफ़सी बैंक, आईटीसी और ओएयनजीसी है।
एशियाई बाजारों में बढ़त का माहोल
जापान के निक्केई 0.64 फीसदी ऊपर था । ताइवान का ताइवान व्हैटेड 1.43 फीसदी बढ़त में था । दक्षिण कोरिया का सियौल कम्पोजिट 0.05 फीसदी आगे था । लेकिन चीन का शंघाई कम्पोजिट 1.36 फीसदी नीचे था ।
Monday, May 12, 2008
बाज़ार में कमजोरी रहने कि उमीद है
बीएसई पर आइटी व तकनीकी सुचाकांको में शुरुवात में तेज़ी का कारोबार रहा । लेकिन कुछ क्षेत्रो में जैसे कि एफएमसीजी, धातु, फार्मा, पीऐसयू और बैंक में बिकवाली दिखाई दे रही है ।
सबसे बुद्धिमान करिबरियों में रतन टाटा का नाम
Saturday, May 10, 2008
बढती महंगाई से राहत की उम्मीद नही
महंगाई पर लगाम लगाने के सरकार के एक-एक करके उठाए गए तमाम प्रयासों के बावजूद 26 अप्रैल को यह लगातार तीसरे सप्ताह बढ़ती हुई पिछले साढ़े तीन वर्ष के उच्चतम स्तर 7.61 प्रतिशत पर पहुंच गई। विश्लेषकों की राय में महंगाई से जल्दी ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। रिजर्व बैंक इस वर्ष ब्याज दरों को अपरिवर्तित रख सकता है, किंतु तरलता को कम करने के लिए वह कम से कम सीआरआर में आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है।
उधर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई में वृद्धि का असर देश के शेयर बाजारों पर भी देखा गया। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी दोनों ही भारी बिकवाली के दबाव में थे।