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Thursday, June 19, 2008

टाटा ने चीन की कम्पनी के शेयर खरीदे - June 19, 2008

हिन्दी रूपांतर

मुम्बई। दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख निजी कम्पनी टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने चीन की कम्पनी चाइना इंटरप्राइजेज कम्युनिकेशंस लिमिटेड (सीईसी) में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि सौदे में शामिल रकम का खुलासा नहीं किया गया है।

टाटा कम्युनिकेशंस ने आज यहां बताया कि सीईसी में चीन के वित्तीय संस्थान सीआईसीटीआईसी ग्रुप, असेटस् सुपरविजन एंड एडमिनिस्ट्रेशन कमीशन और सीई-एससीएम के शेयर हैं। सीईसी मूल रूप से पेईचिंग की कम्पनी है जो फोन सेवाएं प्रदाता है। इसे हाल में हीआईपी-वीपीएनके लिए लाइसेंस दिया गया है।

कम्पनी ने कहा है कि इस समझौते को अभी चीन सरकार और नियामक संस्था का अनुमोदन मिलना बाकी है।

English Translation
Mumbai: Telecom solutions provider Tata Communications on Wednesday said it would acquire 50 per cent stake in China Enterprise Communications (CEC) for an undisclosed amount.

"Through the cooperation with Tata Communications we will focus on the development of the domestic market to provide high quality networking service to multinationals as well as domestic enterprises in China," CEC President and CEO Zhu Jianhua said.

CEC has a network reach throughout China with no regional restrictions on its service capabilities. CEC provides VPN connectivity

Wednesday, March 26, 2008

फोर्ड-टाटा’ सौदे का ऐलान आज

जैगुआर और लैंड रोवर पर टाटा की सवारी पक्की हो चुकी है। सीएनबीसी आवाज़ को मिली जानकारी के मुताबिक फोर्ड और टाटा मोटर्स के बीच कल सहमति पत्र पर दस्तखत हो चुके हैं।

हालांकि फोर्ड और टाटा मोटर्स के बीच जैगुआर और लैंडरोवर की खरीद का औपचारिक ऐलान आज हो जाएगा। लेकिन इसके ऐलान का वक्त का खुलासा अभी भी फोर्ड ने नहीं किया है।

फोर्ड दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कार कम्पनी है, और पिछले 21 सालों से लग्जरी गाड़ियों के बाजार पर राज कर रही है। लेकिन पिछले दो सालों के दौरान उसे 15 अरब डॉलर (करीब 600 अरब रुपए) का नुकसान हुआ है, और इसीलिए वो इन दोनों ब्रांड को बेचना चाहती है।

टाटा ने सौदे के लिए तीन अरब डॉलर (करीब 120 अरब रुपए) कर्ज लिया है। जबकि फोर्ड इन दोनों ब्रांड को बेचने के बाद इनके कर्मचारियों को पेंशन के तौर पर 60 करोड़ डॉलर (करीब 2400 करोड़ रुपए) मुहैया कराएगी।

इस सौदे के बाद एक महीने तक फोर्ड टाटा को इन दोनों कारों के उपकरण की पूर्ति करेगा। इस सौदे से टाटा को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उसे दुनिया भर में अपने संचार-तंत्र को मजबूत बनाने का मौका मिलेगा।

टाटा के नाम हुआ जगुआर एवं लैंड रोवर

लंदन.टाटा ने फोर्ड के साथ जगुआर और लैंड रोवर अधिग्रहण समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया है। इस अधिग्रहण की कीमत 2 से 2.5 बीलियन ड़ॉलर के बीच आंकी जा रही है। इस अधिग्रहण की अधिकाधिक घोषणा शाम को 5.30 बजे तक की जाएगी। गौरतलब है कि इस अघिग्रहण के लिए भारतीय कंपनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा और अमेरिका की कंपनी वन इक्वटी भी प्रयासरत थी लेकिन बाजीटाटा मोटर्स ने मार ली है। उल्लेखनीय है कि दोनों कारों की निर्माता कम्पनी फोर्ड का कहना है कि टाटा द्वारा जगुआर और लैंड रोवर काभारतीयकरणनहीं किया जाएगा। टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने भी इस बात की पुष्टि की है और कहा कि पश्चिम में ही ऐसा चलन व्याप्त है।

प्राप्त सूचना के अनुसार समझौते का सीधा असर फोर्ड के 12,000 कर्मचारियों और अन्य सहायक इकाईयों को मिलाकर कुल 35,000 से 40,000 कर्मचारी पर पड़ेगा।

टाटा द्वारा इस अधिग्रहण पर गत माह जगुआर कम्पनी द्वारा सामान्य प्रतिक्रिया दी गई थी। जगुआर के नए मॉडल के डिजाइन निदेशक इयान कैलम के शब्दों में कि हमने टाटा को अपनी नई मॉडल लाइन्स एवं उत्पाद श्रृंखला दिखाई है। टाटा हमारे कार्य के प्रति बहुत सम्मानपूर्ण नजरिया रखता है और हमें उम्मीद है कि मेल सुखद रहेगा।

Wednesday, March 12, 2008

टाटा मोटर्स 4,000 करोड़ रुपए जुटाएगी

नई दिल्ली। देश की ऑटोमोबाइल वर्ग की प्रमुख कम्पनी टाटा मोटर्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 4,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए मंजूरी दे दी है।

कम्पनी ने आज यहां कहा कि यह राशि दीर्घकालिक अतिरिक्त संसाधनों के रुप में उचित प्रतिभूतियों के तहत विदेशी अथवा घरेलू बाजार से जुटाई जाएगी।

टाटा मोटर्स उक्त राशि को एक या अधिक किस्तों में जुटाएगी, जिसका फैसला निदेशकों की समिति प्राधिकृत पूंजी बढ़ाकर तय समय सीमा के भीतर करेगी।

कम्पनी की विश्व और घरेलू वाणिज्यिक एवं यात्री वाहनों के बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत तथा विस्तारित करने की है। कम्पनी ने कहा है कि जुटाई जाने वाली राशि योजना जरुरतों को पूरा करने के हिस्से के रुप में होगी।