Wednesday, 31 October 2007

रिजर्व बैंक ने सीआरआर बढ़ाई

मुंबई- रिजर्व बैंक ने अर्थतंत्र में मौद्रिक तरलता की लगातार वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए बैंकों का नकद सुरक्षित अनुपात (सीआरआर) आधा प्रतिशत बढ़ाते हुए इसे 7.5 प्रतिशत कर दिया।

बैंक दर, रेपो और रिवर्स रेपो दर में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। सीआरआर में आधा प्रतिशत की वृद्धि 10 नवंबर से शुरु होने वाले पखवाड़े से लागू होगी।

वर्ष 2007-08 की वार्षिक ऋण एवं मौद्रिक नीति की अर्धवार्षिक समीक्षा जारी करते हुए रिजर्व बैंक गवर्नर वाईवी रेड्डी ने कहा है कि यदि कच्चे तेल के दाम और नहीं बढ़ते हैं और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में कोई बड़ा उलटफेर यदि नहीं होता है तो जीडीपी की विकास दर 8.5 प्रतिशत पर रहने का पुर्वानुमान कायम रहेगा।

रेड्डी ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों के साथ बैठक में मौद्रिक नीति की अर्धवार्षिक समीक्षा पर विचार-विमर्श किया। इसमें मुद्रास्फीति को 4 से 4.5 प्रतिशत के दायरे में लाने के प्रयास करते हुए 5 प्रतिशत के दायरे में नियंत्रित रखने का जिक्र किया गया है।

बैंक ने अर्थतंत्र में नकदी प्रसार में वृद्धि को 17 से 17.5 प्रतिशत के बीच रखने का लक्ष्य तय किया हुआ है जबकि 12 अक्टूबर 2007 को इसमें 21.8 प्रतिशत वृद्धि की रफ्तार बनी हुई थी।

इस पर और अंकुश लगाने के लिए बैंक ने सीआरआर आधा प्रतिशत बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया। केन्द्रीय बैंक के इस कदम से बैंकों की अरबों रुपए की नकदी रिजर्व बैंक के खजाने में चली जाएगी।

मौद्रिक समीक्षा में बैंक ने कहा है कि थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अप्रैल 2006 के 6.4 प्रतिशत के मुकाबले 13 अक्टूबर 07 को घटकर 3.1 प्रतिशत रह गई।

बैंकों में इस दौरान जमा राशि में वृद्धि 20 प्रतिशत के मुकाबले इस साल 25 प्रतिशत बढ़कर 5,69,061 करोड़ रुपए रही, जबकि बैंकों की वितरित कर्ज राशि इस साल कुछ धीमी पड़कर 23.3 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।

डॉलर को मजबूत रखेगा अमेरिका-पालसन

नई दिल्ली- अमेरिका के वित्त मंत्री हेनरी पालसन ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अमेरिकी मुद्रा डॉलर को मजबूत रखने के लिए कटिबद्ध है।

पालसन ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं डॉलर की मजबूती के लिए मजबूती के साथ प्रतिबद्ध हूँ। पालसन ने कहा कि अमेर‍िका का वित्तीय बाजार वहाँ जोखिम भरे आवास ऋण के संकट से उबर रहा है।

सीआरआर बढ़ाने की वजह अतिरिक्त तरलता

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर की दर बढ़ाने का समर्थन करते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य अतिरिक्त तरलता को नियंत्रित करना है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई की विकास की दर केंद्रीय बैंक की आपेक्षित दर 8.5 प्रतिशत को पार कर जाएगी।

चिदंबरम ने कहा कि रिजर्व बैंक ने अपनी इस मिड टर्म मानेटरी पॉलिसी में पिछली पालिसी की नीतियों को ही आगे बढ़ाया है। हालांकि इस बार अतिरिक्त तरलता के कारण बैंकों को हो रही समस्या को दूर करने के लिए सीआरआर की दर को 0.5 प्रतिशत बढ़ाया है।

उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि बैंकें इसके वास्तविक कारण को सकारात्मक ढंग से लेंगी। केंद्रीय बैंक पहले ही कह चुकी है वैश्विक और घरेलू स्तर पर बदली परिस्थितियों के अनुसार वह शार्ट टर्म, लांग टर्म और मिड टर्म उपायों की घोषणा कर सकती है।

वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक अतिरिक्त तरलता को तत्काल सोख लेना चाहती है। उन्होंने रीयल ऐस्टेट की कीमतों पर कहा कि यहां कीमतों में हल्का इजाफा ही हुआ है। हालांकि इसके बाद भी इस क्षेत्र में मांग पर कोई असर नहीं पड़ा है।

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए आर्थिक विकास की दर के 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, लेकिन वे इससे ज्यादा की उम्मीद कर रहे हैं।